Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana – दुर्घटना में 10 लाख तक की मदद पाएं

nimesh kumar
On: December 29, 2025 6:16 PM
Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana

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देश में हर रोज हजारों दुर्घटनाएं होती हैं जिनमें लोगों की जान जाती है या वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार आर्थिक संकट में फंस जाता है। इसी समस्या को समझते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana शुरू की है। यह योजना दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राजस्थान सरकार इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की बीमा राशि देती है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करती है।

इस लेख में हम आपको दोनों राज्यों की दुर्घटना बीमा योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगे – कैसे आवेदन करें, क्या पात्रता है और कितनी राशि मिलती है।

Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana क्या है?

Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana एक सरकारी बीमा योजना है जो दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना में मृत्यु, स्थायी विकलांगता या गंभीर चोट की स्थिति में पीड़ित परिवार को तुरंत वित्तीय सहायता देना है।

राजस्थान की योजना

राजस्थान सरकार ने 23 फरवरी 2022 को इस योजना की घोषणा की थी और 1 मई 2022 से इसे लागू किया गया। पहले यह योजना मुख्यमंत्री चिरंजीवी दुर्घटना बीमा योजना के नाम से जानी जाती थी, लेकिन अब इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना (MADBY) कर दिया गया है। इस योजना में पहले 5 लाख रुपये की बीमा राशि थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश की योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष रूप से किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना शुरू की है। यह योजना किसानों और उनके परिवार के सदस्यों को खेत में काम करते समय या अन्य दुर्घटनाओं में मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देती है।

योजना के लाभ और बीमा राशि

राजस्थान योजना – बीमा राशि

राजस्थान सरकार दुर्घटना की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग राशि प्रदान करती है:

दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति:

  • एक परिवार के सदस्य की मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये
  • एक से अधिक परिवार के सदस्यों की मृत्यु होने पर कुल 10 लाख रुपये तक

स्थायी पूर्ण विकलांगता:

  • दोनों आंखों की रोशनी जाना
  • दोनों हाथों का काम नहीं करना
  • दोनों पैरों का काम नहीं करना
  • इन स्थितियों में 5 लाख रुपये की राशि दी जाती है

स्थायी आंशिक विकलांगता:

  • एक आंख की रोशनी जाना
  • एक हाथ या एक पैर का काम नहीं करना
  • इन स्थितियों में 2.5 लाख रुपये की राशि

अस्थायी पूर्ण विकलांगता:

  • कुछ समय के लिए पूरी तरह काम नहीं कर पाना
  • ऐसी स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता

उत्तर प्रदेश योजना – बीमा राशि

मृत्यु की स्थिति में:

  • किसान या परिवार के सदस्य की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये

विकलांगता की स्थिति में:

  • 60% या अधिक विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये
  • कम विकलांगता पर भी आर्थिक सहायता

किन दुर्घटनाओं को कवर किया जाता है?

राजस्थान योजना में शामिल दुर्घटनाएं

इस योजना में सात प्रकार की दुर्घटनाओं को कवर किया गया है:

  1. सड़क दुर्घटना: कार, बाइक, बस या अन्य वाहनों से होने वाली दुर्घटना
  2. रेल दुर्घटना: ट्रेन से संबंधित कोई भी हादसा
  3. आग लगने की दुर्घटना: घर, दुकान या कहीं भी आग लगने से
  4. सांप काटना: जहरीले सांप के काटने से
  5. बिजली का झटका: करंट लगने से
  6. डूबना: पानी में डूबने से
  7. जंगली जानवर का हमला: शेर, भालू आदि के हमले से

उत्तर प्रदेश योजना में शामिल दुर्घटनाएं

किसानों के लिए बनाई गई इस योजना में निम्न दुर्घटनाएं शामिल हैं:

  • सड़क, रेल और हवाई दुर्घटना
  • ऊंचाई से गिरना
  • गैस का रिसाव
  • सिलेंडर फटना
  • कुत्ते का काटना
  • जंगली जानवरों का हमला
  • आग लगना
  • बाढ़ में बहना
  • हाथ-पैर कटना
  • भूकंप और बिजली गिरना

पात्रता मानदंड – कौन ले सकता है लाभ?

राजस्थान योजना की पात्रता

अनिवार्य शर्तें:

  • आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • आवेदक के पास जन आधार कार्ड होना चाहिए
  • परिवार को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में पंजीकृत होना चाहिए
  • आवेदक के पास किसी अन्य दुर्घटना बीमा पॉलिसी नहीं होनी चाहिए

विशेष बात:

  • यह योजना पूरी तरह से निःशुल्क है
  • किसी भी तरह का प्रीमियम नहीं देना पड़ता
  • राज्य सरकार पूरी लागत वहन करती है

उत्तर प्रदेश योजना की पात्रता

किसानों के लिए शर्तें:

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए
  • दुर्घटना के समय आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए
  • खेत में काम करने वाले बटाईदार भी पात्र हैं
  • किसान के परिवार के सदस्य भी इस योजना के लिए पात्र हैं
  • बेटा, बेटी, बहू और पति-पत्नी सभी शामिल हैं

जरूरी दस्तावेज

राजस्थान योजना के लिए दस्तावेज

पहचान और पते के प्रमाण:

  • जन आधार कार्ड (अनिवार्य)
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र

दुर्घटना संबंधी दस्तावेज:

  • FIR की कॉपी (यदि लागू हो)
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट (मृत्यु की स्थिति में)
  • मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल के कागजात
  • विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

बैंक विवरण:

  • बैंक खाता पासबुक की कॉपी
  • जन आधार से लिंक बैंक खाता होना चाहिए

अन्य दस्तावेज:

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर (OTP के लिए)

उत्तर प्रदेश योजना के लिए दस्तावेज

  • किसान का आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • भूमि के कागजात (खेत का प्रमाण)
  • दुर्घटना की FIR
  • अस्पताल के कागजात
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु की स्थिति में)
  • बैंक खाता विवरण
  • परिवार पहचान पत्र

आवेदन कैसे करें?

राजस्थान योजना – ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

चरण 1: वेबसाइट पर जाएं आधिकारिक वेबसाइट https://mcdbysipf.rajasthan.gov.in पर जाएं।

चरण 2: लॉगिन करें

  • होमपेज पर “Citizen Login” बटन पर क्लिक करें
  • अपना 10 अंकों का जन आधार नंबर डालें
  • “Get OTP” बटन पर क्लिक करें
  • मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें

चरण 3: परिवार का चयन करें

  • लॉगिन करने के बाद परिवार के सभी सदस्यों की सूची दिखाई देगी
  • जिस सदस्य की दुर्घटना हुई है उसे चुनें

चरण 4: दुर्घटना का विवरण भरें

  • दुर्घटना की तारीख और समय
  • दुर्घटना का स्थान
  • दुर्घटना का प्रकार
  • दुर्घटना की पूरी जानकारी

चरण 5: दस्तावेज अपलोड करें सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।

चरण 6: आवेदन जमा करें सभी जानकारी की जांच करके आवेदन सबमिट करें।

चरण 7: स्थिति की जांच करें आप किसी भी समय अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।

उत्तर प्रदेश योजना – ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

चरण 1: आवेदन तैयार करें

  • जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन तैयार करें
  • आवेदन में दुर्घटना की पूरी जानकारी दें

चरण 2: दस्तावेज संलग्न करें सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां आवेदन के साथ लगाएं।

चरण 3: तहसील में जमा करें

  • अपने क्षेत्र की तहसील कार्यालय में जाएं
  • दुर्घटना के 45 दिनों के अंदर आवेदन जमा करना अनिवार्य है

चरण 4: सत्यापन अधिकारी आवेदन और दुर्घटना की जांच करेंगे।

चरण 5: राशि मिलना सत्यापन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

दावा करने की समय सीमा और प्रक्रिया

राजस्थान योजना

समय सीमा:

  • दुर्घटना या मृत्यु की तारीख से 60 दिनों के अंदर दावा करना अनिवार्य है
  • असाधारण परिस्थितियों में 90 दिनों तक का समय मिल सकता है

दावा निपटान:

  • आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के अंदर दावा निपटा दिया जाता है
  • राशि सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है

उत्तर प्रदेश योजना

समय सीमा:

  • दुर्घटना के 45 दिनों के अंदर तहसील में आवेदन करना जरूरी है

दावा निपटान:

  • सभी दस्तावेजों की जांच के बाद
  • राशि किसान या परिवार के खाते में जमा की जाती है

महत्वपूर्ण बातें जो ध्यान में रखें

समय पर आवेदन करें: दुर्घटना होने के तुरंत बाद आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दें। देरी करने से दावा खारिज हो सकता है।

सभी दस्तावेज रखें: दुर्घटना से जुड़े सभी कागजात, रसीदें और रिपोर्ट सुरक्षित रखें। ये दावा करते समय काम आएंगे।

FIR दर्ज करें: गंभीर दुर्घटना की स्थिति में पुलिस में FIR जरूर दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

सही जानकारी दें: आवेदन में सभी जानकारी सही और पूरी भरें। गलत जानकारी देने पर दावा खारिज हो सकता है।

अन्य बीमा की जानकारी दें: यदि आपके पास कोई अन्य दुर्घटना बीमा है तो उसकी जानकारी जरूर दें। सरकार दोनों योजनाओं में समायोजन करेगी।

परिवार के सदस्यों को बताएं: इस योजना की जानकारी अपने सभी परिवार के सदस्यों को दें ताकि जरूरत पड़ने पर वे आवेदन कर सकें।

योजना से जुड़े अन्य लाभ

राजस्थान योजना के विशेष लाभ

निःशुल्क योजना: इस योजना के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। यह पूरी तरह से सरकार द्वारा वित्त पोषित है।

स्वास्थ्य बीमा के साथ: यह योजना चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ जुड़ी है, जो 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज भी देती है।

तेज प्रक्रिया: ऑनलाइन आवेदन से प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है और 30 दिनों में राशि मिल जाती है।

उत्तर प्रदेश योजना के विशेष लाभ

किसान केंद्रित: यह योजना विशेष रूप से किसानों और उनके परिवारों के लिए बनाई गई है।

बटाईदारों को भी लाभ: जो किसान दूसरों की जमीन पर काम करते हैं, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

व्यापक कवरेज: खेती से जुड़ी सभी प्रकार की दुर्घटनाओं को कवर किया गया है।

हेल्पलाइन और संपर्क जानकारी

राजस्थान योजना संपर्क

वेबसाइट: https://mcdbysipf.rajasthan.gov.in ईमेल: mcdbysipf[at]rajasthan[dot]gov[dot]in टोल फ्री नंबर: 181 (राजस्थान संपर्क)

उत्तर प्रदेश योजना संपर्क

संबंधित विभाग: राजस्व विभाग संपर्क: अपने जिले के जिला कलेक्टर कार्यालय से संपर्क करें

(FAQs)

प्रश्न 1: क्या Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana के लिए कोई प्रीमियम देना होता है? उत्तर: राजस्थान की योजना में कोई प्रीमियम नहीं है, यह पूरी तरह निःशुल्क है। उत्तर प्रदेश की योजना में भी किसानों को कोई प्रीमियम नहीं देना होता।

प्रश्न 2: दुर्घटना के कितने दिनों के अंदर आवेदन करना जरूरी है? उत्तर: राजस्थान में 60 दिनों के अंदर (असाधारण स्थिति में 90 दिन) और उत्तर प्रदेश में 45 दिनों के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है।

प्रश्न 3: अधिकतम कितनी बीमा राशि मिल सकती है? उत्तर: राजस्थान की योजना में अधिकतम 10 लाख रुपये (एक से अधिक सदस्यों की मृत्यु पर) और उत्तर प्रदेश की योजना में 5 लाख रुपये मिल सकते हैं।

प्रश्न 4: क्या किसी अन्य बीमा पॉलिसी वाले भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं? उत्तर: राजस्थान में अन्य दुर्घटना बीमा पॉलिसी वाले पात्र नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में यदि अन्य सरकारी बीमा है तो दोनों में समायोजन किया जाता है।

निष्कर्ष

Mukhyamantri Durghatna Bima Yojana दुर्घटना पीड़ित परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यदि आप इन राज्यों के निवासी हैं तो इस योजना की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर समय पर आवेदन करें। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि मुश्किल समय में परिवार को संबल भी प्रदान करती है।

Nimesh Kumar

नमस्ते! मेरा नाम निमेष कुमार है और मैं Vssss.in का संस्थापक और मुख्य लेखक हूँ। मैं वर्ष 2022 से सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को लोगों तक सरल भाषा में पहुँचाने का कार्य कर रहा हूँ।

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