Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless – 5 लाख तक मुफ्त इलाज का बड़ा खुलासा

nimesh kumar
On: January 3, 2026 7:02 PM
Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless

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उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी पहल की है। Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless चिकित्सा योजना के तहत अब सरकारी कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य बिना किसी पैसे के इलाज करवा सकते हैं। यह योजना 7 जनवरी 2022 को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की गई थी।

इस योजना का पूरा नाम “पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना” है। इसके तहत लाभार्थियों को एक स्टेट हेल्थ कार्ड दिया जाता है, जिसकी मदद से वे सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज करवा सकते हैं। निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक और सरकारी अस्पतालों में बिना किसी सीमा के इलाज की सुविधा मिलती है।

Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless योजना क्या है

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश की एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है। इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा लागू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।

योजना की मुख्य बातें:

इस योजना को केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर बनाया गया है। उत्तर प्रदेश ऐसी योजना लाने वाला पहला राज्य बन गया है। लगभग 22 लाख कार्यरत और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। अगर परिवार के सदस्यों को जोड़ें तो करीब 75 लाख लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

इस योजना के तहत सभी आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है। यह योजना आपातकालीन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बनाई गई है। OPD यानी बाहरी मरीज विभाग की सुविधा इस योजना में शामिल नहीं है।

योजना के लाभ और विशेषताएं

मुख्य लाभ:

  • निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक: आयुष्मान योजना में शामिल सभी निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
  • सरकारी अस्पतालों में असीमित इलाज: उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में कोई वित्तीय सीमा नहीं है। यानी आप जितना भी खर्च करें, सरकार भुगतान करेगी।
  • कैशलेस सुविधा: अस्पताल में भर्ती होने पर आपको एक रुपया भी जेब से नहीं देना होगा। सिर्फ अपना स्टेट हेल्थ कार्ड दिखाना होगा।
  • परिवार के सभी सदस्य शामिल: कर्मचारी के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • प्राइवेट, सेमी-प्राइवेट और जनरल वार्ड: कर्मचारी के पे बैंड के अनुसार अलग-अलग प्रकार के वार्ड की सुविधा दी जाती है।

अन्य विशेषताएं:

योजना में बड़ी और गंभीर बीमारियों का भी कवरेज शामिल है। इसमें हृदय रोग, कैंसर, किडनी की समस्याएं, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां और दूसरी गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकता है। भारत भर में आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत किसी भी निजी अस्पताल में इलाज करवाया जा सकता है। यह सुविधा केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है।

पहले कर्मचारियों को इलाज के बाद बिलों का रिइम्बर्समेंट के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब यह झंझट खत्म हो गया है। रिटायर्ड कर्मचारी यानी पेंशनभोगी और उनके परिवार वाले भी इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित लोग पात्र हैं:

कौन आवेदन कर सकता है:

  • उत्तर प्रदेश सरकार के सभी कार्यरत कर्मचारी
  • उत्तर प्रदेश सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी यानी पेंशनभोगी
  • सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के आश्रित परिवार के सदस्य
  • पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले परिवार के सदस्य भी पात्र हैं

आश्रित परिवार के सदस्य कौन हैं:

आश्रित परिवार में पति या पत्नी, दो बच्चे (21 वर्ष से कम आयु के), और माता-पिता शामिल होते हैं। यदि बच्चा विकलांग है तो उम्र की कोई सीमा नहीं है। ऐसे मामले में विकलांगता प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

महत्वपूर्ण शर्तें:

आवेदक उत्तर प्रदेश सरकार का स्थायी या अस्थायी कर्मचारी होना चाहिए। केंद्र सरकार के कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। यदि लाभार्थी पहले से आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर रहा है, तो स्टेट हेल्थ कार्ड जारी करने से पहले आयुष्मान कार्ड को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

स्टेट हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:

अनिवार्य दस्तावेज:

  • आवेदक का आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड अनिवार्य है और उससे मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।
  • मोबाइल नंबर: OTP सत्यापन के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर।
  • आश्रितों का आधार कार्ड: परिवार के सभी आश्रित सदस्यों के आधार कार्ड की कॉपी।
  • फोटो: आवेदक और सभी आश्रितों की तस्वीर (20 KB साइज में)।

अन्य आवश्यक दस्तावेज:

  • यदि परिवार में कोई विकलांग सदस्य है तो विकलांगता प्रमाण पत्र।
  • एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे के लिए जन्म प्रमाण पत्र।
  • पेंशनभोगियों के लिए पेंशन से संबंधित दस्तावेज।

सभी दस्तावेज स्कैन करके PDF या JPG फॉर्मेट में तैयार रखें। दस्तावेजों का साइज अधिकतम 2 MB तक होना चाहिए। फोटो का बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए और चेहरा साफ दिखना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

स्टेट हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना बहुत आसान है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउज़र खोलें और https://sects.up.gov.in वेबसाइट पर जाएं। यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की आधिकारिक वेबसाइट है।

चरण 2: रजिस्ट्रेशन शुरू करें

होमपेज पर “Apply for State Health Card” या “राज्य स्वास्थ्य कार्ड के लिए आवेदन करें” का विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करें। अब एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपना आधार से लिंक मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालना होगा।

चरण 3: OTP सत्यापन

मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद “Generate OTP” बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर एक 6 अंकों का OTP आएगा। इस OTP को दिए गए बॉक्स में डालें और “Verify” बटन दबाएं। OTP सही होने पर आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।

चरण 4: व्यक्तिगत जानकारी भरें

अब आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी सावधानी से भरें:

  • पूरा नाम
  • पिता/पति का नाम
  • जन्मतिथि
  • लिंग
  • कर्मचारी कोड या पेंशन नंबर
  • विभाग का नाम
  • पदनाम
  • वेतन स्तर
  • पूरा पता

चरण 5: परिवार के सदस्यों की जानकारी दें

फॉर्म में एक सेक्शन होगा “Add Dependents” या “आश्रितों को जोड़ें”। यहां आपको अपने परिवार के सभी आश्रित सदस्यों की जानकारी भरनी होगी। हर सदस्य के लिए नाम, रिश्ता, जन्मतिथि और आधार नंबर डालें।

चरण 6: दस्तावेज अपलोड करें

अब सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदक और परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, फोटो और अन्य जरूरी कागजात अपलोड करें। ध्यान रखें कि फाइल का साइज निर्धारित सीमा से कम हो।

चरण 7: फॉर्म सबमिट करें

सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद एक बार फिर से पूरा फॉर्म चेक कर लें। सब कुछ सही होने पर “Submit” बटन पर क्लिक करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। इसे नोट कर लें।

आवेदन जमा होने के बाद यह DDO (Drawing Disbursement Officer) और TO (Treasury Officer) के पास सत्यापन के लिए जाएगा। सत्यापन के बाद आपका स्टेट हेल्थ कार्ड बनकर तैयार हो जाएगा।

आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें

आवेदन करने के बाद आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं:

ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया:

  • आधिकारिक वेबसाइट https://sects.up.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Check Application Status” या “आवेदन की स्थिति जांचें” का विकल्प मिलेगा।
  • इस पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज खुलेगा।
  • यहां अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड डालें।
  • “Search” या “खोजें” बटन पर क्लिक करें।
  • आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।

स्टेटस के प्रकार:

आवेदन Pending (लंबित) हो सकता है, जिसका मतलब है कि अभी सत्यापन बाकी है। Under Process (प्रक्रिया में) का मतलब है कि DDO या TO द्वारा सत्यापन हो रहा है। Approved (स्वीकृत) का मतलब है कि आपका कार्ड बन गया है और अब डाउनलोड किया जा सकता है। Rejected (अस्वीकृत) का मतलब है कि किसी कारण से आवेदन खारिज हो गया है।

यदि आवेदन Rejected दिखे तो कारण जानने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें या दोबारा सही जानकारी के साथ आवेदन करें।

स्टेट हेल्थ कार्ड कैसे डाउनलोड करें

जब आपका आवेदन स्वीकृत हो जाता है तो आप अपना स्टेट हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया:

  • आधिकारिक वेबसाइट https://sects.up.gov.in या https://setu.pmjay.gov.in/setu/pt-deendyal-upadhyay पर जाएं।
  • “Download State Health Card” या “राज्य स्वास्थ्य कार्ड डाउनलोड करें” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना आधार नंबर या रेफरेंस नंबर डालें।
  • कैप्चा कोड भरें और “Submit” पर क्लिक करें।
  • आपका स्टेट हेल्थ कार्ड PDF फॉर्मेट में डाउनलोड हो जाएगा।

eKYC प्रक्रिया:

कार्ड डाउनलोड करने के बाद eKYC (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। इसके लिए अस्पताल में पहली बार जाने पर अपने साथ मूल आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज ले जाएं। अस्पताल के काउंटर पर eKYC हो जाएगी और उसके बाद आप इलाज शुरू करवा सकते हैं।

कार्ड को रंगीन प्रिंट करवाएं और हमेशा अपने पास रखें। परिवार के हर सदस्य की जानकारी कार्ड में होगी।

कैशलेस इलाज कैसे लें

स्टेट हेल्थ कार्ड मिल जाने के बाद आप इस तरह कैशलेस इलाज ले सकते हैं:

इलाज की प्रक्रिया:

सबसे पहले अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध निजी अस्पताल का चुनाव करें। अस्पताल की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। आपातकालीन स्थिति में सीधे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाएं। भर्ती होते समय रिसेप्शन पर अपना स्टेट हेल्थ कार्ड और आधार कार्ड दिखाएं।

अस्पताल का स्टाफ आपकी जानकारी वेरिफाई करेगा और आपको बिना किसी पैसे के भर्ती कर लेगा। सभी जांच, दवाएं, ऑपरेशन और उपचार बिल्कुल मुफ्त होंगे। डिस्चार्ज के समय भी आपको कोई बिल नहीं देना होगा। सारा खर्च सरकार द्वारा सीधे अस्पताल को भुगतान किया जाएगा।

ध्यान रखने योग्य बातें:

OPD यानी बाहरी मरीज विभाग की सेवा इस योजना में शामिल नहीं है। केवल भर्ती होने वाले मरीजों को ही यह सुविधा मिलेगी। भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च भी कवर किए जाते हैं। यदि किसी अस्पताल में कार्ड स्वीकार नहीं किया जाता तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें।

एम्पैनल्ड अस्पतालों की सूची

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कई निजी अस्पताल भी शामिल हैं:

सरकारी अस्पताल:

  • जिला अस्पताल
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
  • मेडिकल कॉलेज और संस्थान
  • SGPGI, KGMU, BHU जैसे प्रमुख संस्थान

निजी अस्पताल:

आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध सभी निजी अस्पताल इस योजना के तहत आते हैं। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और दूसरे बड़े शहरों में सैकड़ों अस्पताल उपलब्ध हैं। जागरनी हॉस्पिटल, होपवेल हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल जैसे कई नामी अस्पताल इस योजना का हिस्सा हैं।

अस्पतालों की सूची कैसे देखें:

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “Hospital List” या “अस्पतालों की सूची” विकल्प पर क्लिक करें। अपने जिले का चुनाव करें। आपको उस जिले के सभी एम्पैनल्ड अस्पतालों की सूची मिल जाएगी।

हेल्पलाइन और शिकायत निवारण

यदि आपको योजना से संबंधित कोई समस्या या सवाल है तो निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:

हेल्पलाइन नंबर: टॉल फ्री नंबर: 180018004444 यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध है और आप हिंदी और अंग्रेजी दोनों में बात कर सकते हैं।

ईमेल सपोर्ट: support.sects@sachis.in आप अपनी समस्या या शिकायत इस ईमेल पर भी लिख सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: https://sects.up.gov.in वेबसाइट पर FAQ सेक्शन भी है जहां आम सवालों के जवाब मिलते हैं।

शिकायत कैसे दर्ज करें:

यदि किसी अस्पताल ने आपका कार्ड स्वीकार नहीं किया या इलाज में कोई दिक्कत आई तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। अपना स्टेट हेल्थ कार्ड नंबर, अस्पताल का नाम और समस्या की पूरी जानकारी दें। 48 घंटे के अंदर आपकी शिकायत का समाधान कर दिया जाएगा।

(FAQs)

प्रश्न 1: Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless योजना में OPD सुविधा है क्या? उत्तर: नहीं, इस योजना में केवल भर्ती होने वाले मरीजों को ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। OPD यानी बाहरी मरीज विभाग इसमें शामिल नहीं है।

प्रश्न 2: क्या मैं भारत के किसी भी राज्य में इस कार्ड का उपयोग कर सकता हूं? उत्तर: हां, आप भारत में कहीं भी आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत निजी अस्पतालों में इस कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों की सुविधा केवल उत्तर प्रदेश में ही मिलेगी।

प्रश्न 3: स्टेट हेल्थ कार्ड बनने में कितना समय लगता है? उत्तर: आवेदन करने के बाद DDO और TO द्वारा सत्यापन में लगभग 7 से 15 दिन का समय लगता है। सत्यापन पूरा होने के तुरंत बाद आप कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

प्रश्न 4: यदि मेरा आवेदन खारिज हो जाए तो क्या करूं? उत्तर: आवेदन खारिज होने पर कारण जानने के लिए हेल्पलाइन नंबर 180018004444 पर संपर्क करें। गलती सुधारने के बाद दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

निष्कर्ष

Pandit Deen Dayal Upadhyay Cashless चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक वरदान है। यह योजना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देती है और सरकारी अस्पतालों में तो कोई सीमा ही नहीं है। अगर आप पात्र हैं तो जल्द से जल्द आवेदन करें |

Nimesh Kumar

नमस्ते! मेरा नाम निमेष कुमार है और मैं Vssss.in का संस्थापक और मुख्य लेखक हूँ। मैं वर्ष 2022 से सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को लोगों तक सरल भाषा में पहुँचाने का कार्य कर रहा हूँ।

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