भारत सरकार ने गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के लिए एक बहुत बड़ी योजना शुरू की है। इस योजना का नाम है आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)। यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Ayushman Bharat Yojana kab shuru hui और इससे किन लोगों को फायदा मिल रहा है, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी है।
आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य है कि देश के हर नागरिक को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह योजना कब और कैसे शुरू हुई।
आयुष्मान भारत योजना कब शुरू हुई?
आयुष्मान भारत योजना को 23 सितंबर 2018 को झारखंड के रांची शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शुरू किया था। यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 की सिफारिशों के आधार पर बनाई गई थी। इस योजना का मकसद सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) हासिल करना है।
फरवरी 2018 में सरकार ने देश भर में 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र खोलने की घोषणा की थी। इसके बाद पूरी तैयारी के साथ सितंबर 2018 में पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना लागू कर दी गई।
योजना की खास बातें
- यह विश्व की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है
- शुरुआत में 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को शामिल किया गया
- लगभग 50 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है
- 2022 में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 12 करोड़ परिवार कर दी गई
आयुष्मान भारत योजना के दो मुख्य भाग
आयुष्मान भारत योजना के दो प्रमुख घटक हैं जो मिलकर पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाते हैं।
1. स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (Health and Wellness Centres)
फरवरी 2018 में सरकार ने पूरे देश में 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र बनाने का फैसला किया। ये केंद्र मौजूदा उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बदलकर बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त मिलती हैं। 14 अप्रैल 2018 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जांगला में पहला स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र शुरू किया गया था।
वर्तमान में पूरे भारत में 1.76 लाख से ज्यादा स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र सक्रिय हैं जो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।
2. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY)
यह आयुष्मान भारत का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे आयुष्मान कार्ड भी कहा जाता है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह सुविधा सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध है।
कौन-कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निश्चित मापदंड हैं। यह योजना मुख्य रूप से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए बनाई गई है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए पात्रता
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन परिवारों को यह योजना मिलती है जो सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के आधार पर पात्र हैं। इसमें कच्चे मकान में रहने वाले, भूमिहीन मजदूर, आदिवासी समुदाय और अन्य वंचित वर्ग के लोग शामिल हैं।
शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए पात्रता
शहरों में रहने वाले कुछ विशेष व्यवसाय करने वाले लोग इस योजना के पात्र हैं। इनमें घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, निर्माण मजदूर, रिक्शा चालक, कूड़ा उठाने वाले और अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूर शामिल हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा
सितंबर 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फैसला लिया। अब 70 साल और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों को उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। इससे लगभग 6 करोड़ बुजुर्गों को फायदा होगा। इन वरिष्ठ नागरिकों को “आयुष्मान वय वंदना कार्ड” दिया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना में क्या-क्या मिलता है?
यह योजना बहुत व्यापक है और इसमें लगभग हर तरह की बीमारी का इलाज शामिल है। आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।
बीमा कवरेज और सुविधाएं
- 5 लाख रुपये तक का सालाना स्वास्थ्य बीमा हर परिवार को
- पूरी तरह से कैशलेस और पेपरलेस इलाज
- देश के किसी भी राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज की सुविधा
- अस्पताल में भर्ती से पहले के 3 दिन तक का खर्च कवर
- अस्पताल से छुट्टी के बाद 15 दिन तक का खर्च कवर
किन बीमारियों का इलाज होता है?
आयुष्मान भारत योजना में लगभग 1,350 से ज्यादा चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। इनमें कुछ प्रमुख बीमारियां हैं:
- हृदय रोग और बाईपास सर्जरी
- कैंसर का इलाज
- किडनी की बीमारियां और डायलिसिस
- मधुमेह और उच्च रक्तचाप
- मोतियाबिंद की सर्जरी
- घुटने और जोड़ों की सर्जरी
- जलने के बाद का इलाज
- न्यूरो सर्जरी
पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर
इस योजना की एक खास बात यह है कि पहले से चल रही बीमारियां भी पहले दिन से ही कवर होती हैं। मतलब अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उसे भी इस योजना में इलाज मिल सकता है।
आयुष्मान भारत कार्ड कैसे बनवाएं?
आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना जरूरी है। कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बहुत आसान है।
ऑनलाइन पात्रता जांचें
सबसे पहले आप यह जान लें कि आप इस योजना के पात्र हैं या नहीं। इसके लिए आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट beneficiary.nha.gov.in पर जाएं। वहां “Am I Eligible” वाले विकल्प पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए लॉगिन करें। अगर आप पात्र हैं तो आपका नाम दिखाई देगा।
कार्ड बनवाने के तरीके
आयुष्मान कार्ड बनवाने के दो आसान तरीके हैं:
तरीका 1: किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर आयुष्मान किओस्क पर अपने दस्तावेज दिखाकर कार्ड बनवाया जा सकता है।
तरीका 2: नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर भी आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
कार्ड बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज चाहिए:
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- मोबाइल नंबर
- पते का प्रमाण
आयुष्मान भारत योजना के फायदे
यह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। आइए जानते हैं इसके मुख्य फायदे।
आर्थिक बोझ में कमी
पहले गरीब परिवारों को बीमारी के इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या संपत्ति बेचनी पड़ती थी। लेकिन अब इस योजना से उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, लोगों का अपनी जेब से स्वास्थ्य पर खर्च 62 प्रतिशत से घटकर 38 प्रतिशत रह गया है।
पोर्टेबिलिटी की सुविधा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप देश के किसी भी राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं। अगर आप किसी दूसरे शहर में काम करते हैं या घूमने गए हैं और वहां बीमार पड़ जाते हैं, तो भी आपको इलाज मिल जाएगा।
परिवार के सभी सदस्यों को कवरेज
इस योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र या लिंग की कोई सीमा नहीं है। पूरे परिवार को 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है।
कैशलेस इलाज
अस्पताल में कोई पैसा जमा नहीं करना पड़ता। सब कुछ कैशलेस होता है। आयुष्मान कार्ड दिखाकर आप सीधे इलाज करवा सकते हैं।
आयुष्मान भारत योजना का विस्तार और वर्तमान स्थिति
जनवरी 2025 तक 36.36 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बांटे जा चुके हैं। शुरुआत से अब तक लाखों लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
राज्यों में योजना की स्थिति
शुरुआत में कुछ राज्यों जैसे महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल ने अपनी खुद की स्वास्थ्य योजनाएं होने के कारण इस योजना में शामिल होने से मना कर दिया था। लेकिन बाद में केरल ने नवंबर 2019 में और ओडिशा ने अप्रैल 2025 में इस योजना को अपना लिया। पश्चिम बंगाल ने शुरू में शामिल होने के बाद अपनी अलग योजना बनाने का फैसला किया। दिसंबर 2020 तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह योजना लागू कर दी गई।
अस्पतालों का नेटवर्क
वर्तमान में देश भर में 24,000 से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं। इन अस्पतालों में पात्र लोग मुफ्त इलाज करवा सकते हैं।
योजना का प्रभाव
द लांसेट पत्रिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह सालों में कैंसर की जल्दी पहचान और इलाज में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसका श्रेय आयुष्मान भारत योजना को जाता है। समय पर इलाज मिलने से बीमारी के गंभीर होने से पहले ही रोगियों को राहत मिल जाती है।
कौन सी चीजें कवर नहीं होतीं?
हालांकि यह योजना बहुत व्यापक है, लेकिन कुछ चीजें इसमें शामिल नहीं हैं:
- बाहरी मरीज विभाग (OPD) का खर्च
- बांझपन का इलाज
- सौंदर्य उपचार (कॉस्मेटिक सर्जरी)
- अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट)
- व्यक्तिगत निदान परीक्षण
- ड्रग रिहैबिलिटेशन
FAQs
प्रश्न 1: आयुष्मान भारत योजना कब शुरू हुई थी?
उत्तर: आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर 2018 को झारखंड के रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी।
प्रश्न 2: इस योजना में कितने रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलता है?
उत्तर: हर पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
प्रश्न 3: क्या 70 साल से ज्यादा उम्र के लोग भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
उत्तर: जी हां, सितंबर 2024 से 70 साल और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को उनकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना यह योजना मिलती है।
प्रश्न 4: क्या आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क देना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, आयुष्मान कार्ड बनवाना पूरी तरह से मुफ्त है।
निष्कर्ष (Conclusion)
आयुष्मान भारत योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजना है जो 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है जो लाखों गरीब और कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
इस योजना के माध्यम से हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलना गरीब परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है। पहले से मौजूद बीमारियों को भी कवर करना, पूरे देश में इलाज की सुविधा और कैशलेस व्यवस्था इस योजना को और भी खास बनाती है।
अगर आप भी इस योजना के पात्र हैं तो जल्द से जल्द अपना आयुष्मान कार्ड बनवाएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के सपने को साकार करने में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।








